छत्तीसगढ़ में “सुशासन तिहार 2026” की शुरुआत, जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान करने पर जोर

छत्तीसगढ़ में “सुशासन तिहार 2026” की शुरुआत, जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान करने पर जोर

“Good Governance Festival 2026” begins in Chhattisgarh

“Good Governance Festival 2026” begins in Chhattisgarh, emphasis

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बार फिर से ' सुशासन तिहार ' अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य जनता की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निवारण सुनिश्चित करना है। यह अभियान 10 जून तक चलेगा। अभियान के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे।

लोगों को नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर


इस मामले की जानकारी अधिकारियों ने दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत गांवों और शहरों में एक अनोखी प्रशासनिक पहल देखने को मिलेगी, जहां लोगों को भीषण गर्मी में बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि अधिकारी स्वयं उनके पास पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सरकार को जनता के और करीब लाना है, ताकि शिकायतें केवल सुनी ही नहीं जाएं, बल्कि मौके पर ही उनका समाधान भी किया जाए।

सीएम ने कलेक्टरों को दिए निर्देश


अभियान के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से लेकर जिला कलेक्टर तक पूरा प्रशासनिक अमला जमीनी स्तर पर सक्रिय रहेगा। उन्होंने बताया कि घर-घर जाकर और विशेष शिविरों में ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, वहीं मौके पर ही फाइल तैयार कर बिना देरी के समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जन शिकायतों का समयबद्ध समाधान ही सुशासन की असली नींव है।

कलेक्टरों को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि 30 अप्रैल तक लंबित मामलों जैसे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन जैसे राजस्व मामलों और मनरेगा मजदूरी भुगतान समेत अन्य मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। अधिकारी ने बताया कि एक नया मॉडल लागू किया जाएगा, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह और शहरी क्षेत्रों में वार्ड-आधारित समूहों में शिविर लगाए जाएंगे।

लाभार्थियों को मिलेगा लाभ


उन्होंने कहा कि इन शिविरों में न केवल आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, बल्कि पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही लाभ भी दिया जाएगा और सभी मामलों का अधिकतम एक महीने में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंत्री, सांसद, विधायक और अधिकारी नियमित रूप से शिविरों का दौरा करके लोगों से बातचीत करेंगे और व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

  • छत्तीसगढ़ में आज से सुशासन तिहार अभियान
  • आम लोगों को घर बैठे मिलेंगी कई तरह की सुविधाएं
  • सीएम ने कलेक्टर और अधिकारियों को दिए हैं निर्देश
  • औचक निरीक्षण करने पहुंचेंगे सीएम विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री करेंगे औचक निरीक्षण


इस पहल की एक विशेषता मुख्यमंत्री के औचक दौरे होंगे, जिसमें वह जिलों का भ्रमण करके विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे और ग्रामीणों से सीधे संवाद करके उनकी समस्याएं सुनेंगे। अधिकारी ने कहा कि मौके पर ही जवाबदेही तय की जाएगी और तत्काल समाधान के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, “सुशासन तिहार 2026 केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासन को जनता के और करीब लाने का व्यापक प्रयास है। अब लोगों को एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर तक भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि प्रशासन खुद उनके पास पहुंचकर समय पर समाधान सुनिश्चित करेगा।”